Tag archive

Goodlife

जीवन

in poems

फूलों के लघु जीवन से भी, सीखो और सिखाओ, जीवन आनंद बनाओ, जीवन को अपनाओ । क्या हुआ जो रूठ गया, सपना था गर टूट गया, फिर अपने सोए पौरुष को, एक बार आजमाओ, जीवन आनंद बनाओ, जीवन को अपनाओ। जंगल की सुंदरता देखो, और चिड़ियों का उपवन देखो, हर जीवन कितना सुंदर है, मन…

Keep Reading

आस

in poems

घनघोर अमा में आस की, अन्तिम किरण अवशेष है, डूबती ही जा रही मानवता, आकण्ठ भ्रष्टाचार में, फिर भी तट पर उम्मीद का, नाविक अकेला शेष है।   पुरज़ोर ग़र प्रयास हो, इन्सानियत की बात हो, सत्य ही पर अड़ सके, भ्रष्ट हो तो लड़ सके, हर जुर्म का इंसाफ होगा, तब स्वर्णिम प्रभात होगा।

Keep Reading

जीवन का सार

in poems

हम रोज़ बढ़ते हैं, एक कदम और, अपनी मृत्यु की ओर, फिर क्यों मचा हुआ है, अनर्गल बातों का शोर, दिव्यता की अनुभूति हो, या करुणा का सार, इनके लिए खोलें, हम हृदय के द्वार, जीवन को न बनाये, अनंत लालसाओं का कारागार, मिटने के पहले जीवन, जीने की ले लें हम दीक्षा, वर्ना नष्ट…

Keep Reading

Go to Top