Tag archive

emotions

नारी

in poems

परिभाषित हो प्रेम, जहां पर, भावों से परिपूर्ण वहां पर, तुम मिलती हो। प्रासंगिक हो, जब करुणा का सार, वहां पर, तुम मिलती हो। स्पंदित हो,हर जीवन में प्राण, जहां पर तुम बसती हो।

Keep Reading

अनकही सी बातें

in poems

कुछ अनकही सी बातें, जो कह रही हूं तुमसे, कम को अधिक समझना, ग़र हो सके जो तुमसे। तेरी बात में था मरहम, वो भी था इक ज़माना, अब काम का बवंडर, है व्यस्तता बहाना। प्रश्नो का है समंदर, और दर्द मेरे अंदर, बहने को है आकुल, ये सोच के हूं व्याकुल। परवाह तो है…

Keep Reading

Go to Top