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Life - page 2

हे! नये साल

in poems

हे! नए साल, तू मुझे बता, क्या बात नयी होगी तुझमें ? क्या प्रात नयी होगी तुझमें ? या घात नयी होगी तुझमें ? क्या नए साल में, भूखों को तू रोटी दिलवाएगा ? या वृद्धों के आश्रम में तू, उनका बेटा लौटाएगा? सारी दुनिया जो जूझ रही, युद्धों को तू रुकवायेगा? या अनाचार की पीड़ा से, तू…

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अनकही सी बातें

in poems

कुछ अनकही सी बातें, जो कह रही हूं तुमसे, कम को अधिक समझना, ग़र हो सके जो तुमसे। तेरी बात में था मरहम, वो भी था इक ज़माना, अब काम का बवंडर, है व्यस्तता बहाना। प्रश्नो का है समंदर, और दर्द मेरे अंदर, बहने को है आकुल, ये सोच के हूं व्याकुल। परवाह तो है…

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मेरा गट्टू

in poems

मेरा है गट्टू खरगोश, देता है मन को परितोष , प्यार जताता, खुशी दिखाता, जब आती हूं ,घर को लौट, कान झटक और मटक मटक, जब चलता है तो लगता है , नन्हा सा कोई बच्चा यूं ही , मचल मचल कर चलता है , सुबह सवेरे सही समय पर, आकर मुझे जगाता है, जैसे…

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गुरु शिष्य संवाद

in Blogs

१२ वर्ष तक गुरुकुल  में रह कर शिक्षा प्राप्त करने के बाद शिष्य के जब घर जाने का समय आया,तब शिष्य ने गुरुजी से पूछा,कि गुरुदेव कृपया सांसारिक जीवन को स्वर्ग जैसा सुखद बनाने का उपाय तो बताएं,ताकि जीवन में कष्ट का आगमन न होने पाएं। गुरु ने कहा,कि तुम जीवन के प्राकृतिक नियमों के…

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आस

in poems

घनघोर अमा में आस की, अन्तिम किरण अवशेष है, डूबती ही जा रही मानवता, आकण्ठ भ्रष्टाचार में, फिर भी तट पर उम्मीद का, नाविक अकेला शेष है।   पुरज़ोर ग़र प्रयास हो, इन्सानियत की बात हो, सत्य ही पर अड़ सके, भ्रष्ट हो तो लड़ सके, हर जुर्म का इंसाफ होगा, तब स्वर्णिम प्रभात होगा।

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ख़ामोशी

in poems

आओ बैठें साथ कुछ ऐसे, मैं रहूँँ, तुम रहो,और ख़ामोशी हो ज़ुबांं, आँँखों से ही एतराज हो,   आँँखों से ही मनुहार हो, बिना कहे तुम सुन सको, बिना सुने मैं समझ सकूं, ऐसी समझ विस्तार हो,   हर दर्द की परवाह हो, हर ज़ख्म का उपचार हो, तेरे हृदय के तार से, झंंकृत मेरा…

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विश्व शांति

in Blogs

“विश्व शांति” सबसे दुर्लभ गीत है आज । शांति का मंत्र हम नहीं सहेज पाए। लेकिन प्रकृति ने से बचा रखा है।यह भी अभी गुंजित है, फूलों की सुगंध में, चातक की प्यास में, बगुले की आस में, भोले विश्वास में, सभी भाषाओं से परे सुना और समझा जा सकता है,शांति और मौन का गीत।…

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ऐ खुदा!

in poems

मेरे स्वप्न अब भी है राह में , और मंजिलें इंतजार में, ऐ खुदा! मुझे तू नवाज दे, मेरे पंख को परवाज दे, मैं किसी के स्वप्न को जी सकूँँ, किसी और का दर्द भी पी सकूंँ, मुझे ऐसी करुणा अपार दे, जीवन का अर्थ निखार दें, यह आत्मा की पुकार है , किसी के…

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