बादल

in poems

बादलों के झुँड से, था झाँकता, नन्हा सा बादल, हँस के कहता है धरा से, फिर बरसूंगा सुबह से, पूर्ण कर जलकुम्भ सारे, ज्यादा बरसूं सह नही पाती, कम बरसूं तो रह नही पाती, तेरे प्यारे सो रहे है, आलस में ही खो रहे है, उन्हें जगा और फिर करा तू, जलप्रबन्ध दुरुस्त सारे, जब…

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अभिलाषा

in poems

चाहती हूँ बूँद हो लूँ , घन घटाओं संग उडूँ या , झूमती पतंग हो लूँ , सीमाओँ को तोड़ दूँ या , फिर मस्त मलंग हो लूँ , एकरस की कारा से , अब जरा स्वतंत्र हो लूँ , तार सप्तक गा चुकी मैं , मध्य में तो जी रही हूँ , सोचती हूँ…

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दोस्त

in poems

रूठने पर तुम हमको मनाया करो, बात अपने दिल की सुनाया करो, तुम्हारी खन खन हँसी ही मेरा गीत है, तेरे जीवन की धुन ही मेरा मीत है, चोट अपनी न हमसे छिपाया करो, बात जो भी हो, वो तुम बताया करो, माना कि कुछ ना कहना बड़ी बात है, पर दर्द की दवा न…

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जीवन का सार

in poems

हम रोज़ बढ़ते हैं, एक कदम और, अपनी मृत्यु की ओर, फिर क्यों मचा हुआ है, अनर्गल बातों का शोर, दिव्यता की अनुभूति हो, या करुणा का सार, इनके लिए खोलें, हम हृदय के द्वार, जीवन को न बनाये, अनंत लालसाओं का कारागार, मिटने के पहले जीवन, जीने की ले लें हम दीक्षा, वर्ना नष्ट…

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एहसास

in poems

एक गीत… खुद पे लिखूँ, दिल करता है बहुत, इन दिनों, खुद से खो जाने का, खतरा है बहुत, जिन्हें देखा, जिन्हें परखा, उन्हें चाहा है बहुत, बात इतनी सी है, प्यार उन्हें अखरा है बहुत, जिनके आने तक, नींद ने न दी दस्तक, उन्हें शिकायत है कि, उन पर मेरी आँखों का, पहरा है…

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समय से संवाद

in poems

समय मंद मंद बहो न, अविरल गति से चल चल कर, क्यों थकते नही कहो न, आदि से अनादि तक, क्यों करते रहते शंखनाद? जीवन के संघर्षो को, क्यों निर् निमेष तकते रहते? द्वापर का ये काल  नही है, कान्हा सा अवतार नही है, अनाचार के दावानल को, कौन रोके, कहो न…, समय मंद मंद…

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