अष्टांग योग

in poems

वैदिक ज्ञान है, वरदान।

इन बातों का रखें ध्यान,

नित्य योग और ध्यान करें,

थोड़ा सा ‘प्राणायाम’ करें।

‘यम’, ‘नियम’ और ‘आसन’ से,

जीवन में आनंद भरें,

‘प्रत्याहार,’ ‘धारणा’ से,

स्वयं का उत्कर्ष करे,

‘ध्यान’, ‘समाधि’ से फिर जुड़ कर,

जीवन परमानंद करे।