मत भूलो

in poems

लिखित संविधान को,

गणतंत्र के विधान को,

मत भूलो, सशक्त करो।

स्वाधीनता के अर्थ को,

बलिदानी के रक्त को,

मत भूलो,अनुरक्त बनो।

हे भारत के वीर सपूतों,

मत भूलो, उन भूलों को,

जिनके कारण बर्बाद हुए,

उन भूलों से ऊपर उठकर,

फिर स्वर्णिम निर्माण करो।