अपना देश

in poems

ये पुण्य भूमि है भारत की
जहाँ कण कण में भगवान
कल कल करती नदियाँ
जिसका करती रहती गान
इस धरती के कण कण में
वीरो की है गाथायें
अपना सर्वस्व लुटा देश पर
मुस्काती है माताएँ
जहाँ धैर्य लेता है
वीरो की कठिन परीक्षा
फिर भी अपराजित रहने का
इतिहास रहा है जिसका
गाँधी के आदर्शो का
विश्व कर रहा गान
आओ मिलकर सफल बनाये
स्वच्छ भारत अभियान
तभी तो कण कण में गूँजेगा
अपना देश महान।